आध्यात्मिक

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धन-वैभव प्राप्ति के लिए करें कुबेर साधना:- अध्यात्मिक सम्पादक *”बाबा-भागलपुर”*

कुबेर साधना एक प्रकार की मंत्र साधना है जिससे थन-सम्पदा पाने के लिए कुबेर को प्रसन्न किया जाता है। पौराणिक कथानुसार एक बार महर्षि पुलस्य के सामने बड़ी विपति आ पड़ी और उनको उस समय में दरिद्रता का सामना करना पड़ा, जिसके वजह से उस राज्य की प्रजा काल और सूखे की चपेट में आ गई और धन न होने की वजह से चारों तरफ लोग भूख और गरीबी से बेहाल हो उठे तब महर्षि पुलस्य ने इस से उबरने के लिए कुबेर की सहायता लेनी चाही क्योंकि वे जानते थे कि कुबेर के बिना धन नहीं आ सकता, मगर दैवीय नियमो के चलते कुबेर सीधे धन नहीं दे सकते थे। इसलिए महर्षि पुलस्य ने गणपति भगवान की साधना की तो गणपति जी ने कुबेर को आदेश दिया कि महर्षि की सहायता करें तो कुबेर ने महर्षि से कहा कि अगर आप कुबेर यंत्र का स्थापन कर मेरे नौ रूप में से किसी भो रूप की साधना करेंगे तो धन की बरसात होने लगेगी इसलिए महर्षि ने गणपति भगवान से प्रार्थना की और गणपति भगवान ने उन्हें कुबेर के नौ दिव्य रूप के मंत्र दिये महर्षि ने कुबेर यंत्र स्थापन कर कुबेर के नौ दिव्य रूप की साधना सम्पन्न की और जनमानस को दरिद्रता से उबारा, साधना सम्पन्न होने से धन की बरसात होने लगी और चारों तरफ खुॅशहाली फैल गई। इन नौ दिव्य रूपो की साधना आज भी हमारे शास्त्रो में है और जो एक बार इन साधनों को कर लेता है, उनके जीवन में कोई अभाव नहीं रहता है।
क्या है यह कुबेर के नौ रूप: –
1. उग्र कुबेर:- यह कुबेर धन तो देते ही है साथ में सभी प्रकार के शत्रुओं का भी शमन कर देते हैं।
2. पुष्प कुबेर:- यह धन, प्रेम विवाह, प्रेम में सफलता, मनोनुकूल वर की प्राप्ति, सम्मोहन प्राप्ति और सभी प्रकार के दुःख से निवृति के लिए की जाती है।
3. चंद्र कुबेर:- इनकी साधना धन एवं पुत्र प्राप्ति के लिए की जाती है। विशेषकर योग्य और दक्ष संतान की प्राप्ति के लिए यह साधना की जाती है।
4. पीत कुबेर:- धन और वाहन सुख आदि की प्राप्ति के लिए यह साधना की जाती है। इस साधना से मनोवांछित वाहन और संपति की प्राप्ति होती है।
5. हंस कुबेर:- अज्ञात आने वाले दुख और मुकदमो में विजय प्राप्ति के लिए हंस कुबेर की साधना की जाती है।
6. राग कुबेर:- भोतिक और अध्यात्मिक हर प्रकार की विधा संगीत, ललित-कला, नृत्य और सभी प्रकार की परीक्षा में सफलता के लिए राग कुबेर की साधना फलदायी सिद्ध होती है।
7. अमृत कुबेर:- सभी प्रकार के रोग मुक्ति, स्वस्थ लाभ, धन और जीवन में दुखों के छुटकारे के लिए अमृत कुबेर की साधना की जाती है।
8. प्राण कुबेर:- धन है पर कर्ज से मुक्ति नहीं मिल रही है और व्यर्थ में धन खर्च हो रहा हो तो प्राण कुबेर की साधना साधक को सभी प्रकार के ऋण से मुक्ति देती है।
9. धन कुबेर:- सभी प्रकार की कुबेर साधनयों में सर्वश्रेष्ठ है, जीवन में हम जो भी कर्म करें उनके फल की प्राप्ति व धन आदि की प्राप्ति के लिए, मनोकामना की पूर्ति हेतु और भाग्य अगर साथ नहीं दे रहा हो तो धन कुबेर की साधना की जाती है।

गुरु कृपा केवलम्।

जय माँ जय माँ जय जय माँ।

हo/-
(दैवज्ञ पंo आरo केo चौधरी)
*”बाबा-भागलपुर”*
संस्थापक
ज्योतिष योग शोध केन्द्र, बिहार।
मोबाईल नo:- 09430815864/
09835070591

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