उत्तर-प्रदेश राज्य

जिला अस्पताल आइए और मात्र एक रूपए में डाॅयलिसिस कराइए ।

स्थान गोण्डा

रिपोर्टर डॉ0कल्पराम त्रिपाठी

एकर
गोण्डा। डायलिसिस जैसी मंहगी स्वास्थ्य सुविधा का लेने के लिए अब लोगों को लखनऊ जाने या प्राइवेट अस्तपालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेगे और न ही धन के अभाव में कोई भी मरीज इलाज से वंचित होगा। प्रदेश सरकार द्वारा डाॅयलिसिस जैसी महंगी सुविधा का प्रबन्ध जिला अस्पताल में कर दिया गया है जिसका उदघाटन विधायक सदर प्रतीक भूषण सिंह तथा डीएम डा0 नितिन बंसल ने फीता काटकर किया।हीमो डाॅयलिसिस यूनिट का उद््घाटन करने के बाद बतौर मुख्य अतिथि विधायक सदर श्री प्रतीक भूषण सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा गरीबों को बेहतर और महंगी स्वास्थ्य सेवाएं उनके जनपदों में उपलब्ध कराई जा रही हैं जिसके क्रम में आज गोण्डा जिला अस्पताल में डाॅयलिसिस युनिट का शुभारम्भ हो गया है। अब जिले लोगों को बाहर मंहगे खर्च पर डायलिसिस नहीं कराना पड़ेगा बल्कि जिला अस्पताल में ही मात्र एक रूपए के पर्चे पर डाॅयलिसिस किया जाएगा। उन्होने जनपदवासियों से अपील की है कि वे प्रदेश सरकार द्वारा मुहैया कराई गई इस महंगी सुविधा का लाभ जरूर उठाएं। उन्होंने अस्तपाल में आने वाले लोगों से यह भी अपील की कि वे भी अस्तपाल को साफ-सुथरा बनाए रखने में अपना सहयोग प्रदान करें। उन्हांेने कहा कि एक मरीज को एक बार डाॅयलिसिस कराने में औसतन दो हजार रूपए खर्च करने पड़ते हैं। महीने में डाॅयलिसिस कराने में लगभग पच्चीस हजार रूपए का खर्चा एक मरीज के ऊपर आता है। परन्तु यह सुविधा अब अपने जिले में ही मात्र एक रूपए के खर्च पर उच्च स्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित हीमो डाॅयलिसिस यूनिट में मिलेगी।
इस अवसर पर जिलाधिकारी डा0 नितिन बंसल ने कहा कि करोड़ों की लागत बने तथा उच्च तकीनीकों और सुविधाओं से लैस हीमो डाॅयलिसिस युनिट में प्रतिदिन में तीस मरीजों का डाॅयलिसिसि किया जा सकता है। महीने में 780 मरीजों का डाॅयलिसिस किया जा सकेगा। उन्होने बताया कि रविवार के दिन डाॅयलिसिस यूनिट बन्द रहेगा, शेष सभी दिनों में यूनिट चालू रहेगी। उन्होंने युनिट में डाॅयलिसिस के लिए बु़द्ध सागर पुरवा धानेपुर से आए पहले मरीज अरविन्द शुक्ल से बात की तो उन्होंने बताया कि वह पिछले एक साल से प्राइवेट अस्पताल में दो-दो हजार रूपए देकर हर तीसरे दिन डाॅयलिसिस करा रहे हंै। इसी प्रकार परसा तिवारी निवासी अरविन्द कुमार ने बताया कि वह पिछले चार साल से लखनऊ के एक प्राइवेटअस्पताल में डाॅयलिसिस करा रहे हैं। परन्तु अब खुशी व्यक्त करते हुए इन दोनों मरीजों ने प्रदेश सरकार का धन्यवाद ज्ञापित किया है कि अब उन्हें बिना खर्च के जिला अस्पताल में ही डाॅयलिसिस की सुविधा मिल जाएगी।यूनिट के संचालन के बारे में सीएओ डा0 मधु गैरोला ने बताया कि यूनिट में एक एमबीबीएस डाक्टर की तैनाती की गई है तथा यूनिट का संचालन प्राइवेट एजेन्सी द्वारा किया जाएगा। इसके साथ ही यूनिट मैनेजर व अन्य सहयोगी स्टाफ सभी कार्य दिवसों में तैनात रहेगें।

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